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मिड डे मील योजना (मध्याह्न भोजन)

Start Date: 01-11-2019
End Date: 30-11-2019
मध्याह्न भोजन योजना भारत सरकार का एक स्कूल भोजन कार्यक्रम है, जिसे झारखण्ड राज्य में लागू किया जा रहा है, इसका उद्देश्य राष्ट्रव्यापी स्कूली बच्चों की पोषण स्थिति में सुधार करना है।
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Bhawna 1 year 10 months पहले

राज्य सरकार अपने हिसाब से भी दे सकती हैं खाना

इस स्कीम को केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाया जाता है और इसलिए हर राज्य सरकार अपने हिसाब से बच्चों को दिए जानेवाले खाने के मेन्यू में अन्य खाने की चीजों को भी शामिल कर सकती है.

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Bhawna 1 year 10 months पहले

बच्चों की दिया जानेवाले खाने के बारे में जानकारी और उनकी मात्रा-

खाना कितना मात्रा में दिया जाएगा (ग्राम में)
चावल / गेहूं 100 ग्राम, प्राथमिक कक्षा के बच्चों के लिए

150 ग्राम, छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों के लिए

दाल 20 ग्राम, प्राथमिक कक्षा के बच्चों के लिए

30 ग्राम, छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों के लिए

सब्जियां 50 ग्राम, प्राथमिक कक्षा के बच्चों के लिए
75 ग्राम, छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों के लिए

तेल और वसा 5 ग्राम, प्राथमिक कक्षा के बच्चों के लिए

7.5 ग्राम, छठी से आठवीं कक्षा के

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Bhawna 1 year 10 months पहले

गाइडलाइन के मुताबिक कक्षा एक से पांच तक के हर बच्चे को दिए जानेवाले खाने में कैलोरी की मात्रा 450 और प्रोटीन (ग्राम में) की मात्रा 12 तक होनी चाहिए. जबकि छठी से आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र को दिए जानेवाले खाने में कैलोरी की मात्रा 700 और प्रोटीन (ग्राम में) की मात्रा 20 होनी चाहिए.

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Bhawna 1 year 10 months पहले

मिड डे मील द्वारा दिया जाने वाला खाना (मध्याह्न भोजन योजना मेन्यू) (food)

मिड डे मील योजना का मकसद बच्चों को पोषण भरा खाना देना है ताकि उनका विकास अच्छे से हो सके. सरकार द्वारा बच्चों को किस तरह का खाना दिया जाएगा उसके लिए भी गाइडलाइंस तैयार की गई हैं.

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Bhawna 1 year 10 months पहले

खाना बनने के बाद उस खाने का स्वाद पहले दो या तीन लोगों को चखना होगा और इन दो तीन लोगों में से कम से कम एक टीचर शामिल होना चाहिए.

– समय समय पर बच्चों को दिए जाने वाले इस खाने के नमूनों का टेस्ट स्कूलों को मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में करवाना होगा.

– जैसे ही बच्चों के देने वाला खाना बना लिया जाएगा, तो उस खाने को बनाने में इस्तेमाल हुए बर्तनों को साफ करके ही रखना होगा. गाइडलाइन के मुताबिक बच्चों को ये खाना केवल साफ जगह पर ही परोसा जाना चाहिए.

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Bhawna 1 year 10 months पहले

जिन रसोइयों द्वारा बच्चों को दिए जानेवाला ये खाना बनाया जाएगा, उन रसोइयों को भी अपनी साफ सफाई का ध्यान रखना होगा. खाना बनाने से पहले रसोइयों को अपने हाथों को अच्छे से धोना होगा और उनके हाथों के नाखून भी कटे होने चाहिए. इसकी के साथ जिस व्यक्ति द्वारा बच्चों को खाना परोसा जाएगा उसे भी अपनी साफ सफाई का ध्यान रखना होगा.

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Bhawna 1 year 10 months पहले

खाना बनाने से पहले सब्जी, दाल और चावल को अच्छे से धोने का नियम भी इस स्कीम की गाइडलाइन में जोड़ा गया है.

– गाइडलाइन के मुताबिक जिस जगह यानी भंडार में खाने की सामग्री को रखा जाएगा उस भंडार घर की साफ पर भी अच्छा खासा ध्यान देना होगा.

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Bhawna 1 year 10 months पहले

जिन चीजों का इस्तेमाल भी खाना बनाने के लिए किया जाएगा, उन सभी चीजों की क्वालिटी एकदम अच्छी होनी चाहिए और पेस्टिसाइड वाले अनाजों का प्रयोग किसी भी प्रकार के खाने में नहीं किया जाना चाहिए.

– खाने बनाने के लिए केवल एगमार्क गुणवत्ता और ब्रांडेड वस्तुओं का इस्तेमाल किया जाने का उल्लेख भी इस योजना की गाइडलाइन में किया गया है.

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Bhawna 1 year 10 months पहले

दूसरी गाइडलाइन के मुताबिक रसोई घर, क्लास रूम से अलग होना चाहिए, ताकि बच्चों को पढ़ाई करते समय किसी भी तरह की परेशानी ना हो.

– स्कूल में खाना बनाने में इस्तेमाल होनेवाले ईंधन जैसे रसोई गैस को किसी सुरक्षित जगह पर रखना अनिवार्य है. इसी के साथ ही खाना बनाने वाली चीजों को भी साफ जगह पर रखने का जिक्र इस स्कीम की गाइडलाइन में किया गया है.

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Bhawna 1 year 10 months पहले

मध्याह्न भोजन योजना की क्या है गाइडलाइंस (Guidelines)

मिड डे मील स्कीम को जिन भी स्कूलों में चलाया जाता है उन सभी स्कूलों के लिए सरकार ने गाइडलाइंस तैयार की हैं और इन गाइडलाइंस का पालन हर स्कूल को करना पड़ता है.

– मिड डे मील से जुड़ी प्रथम गाइडलाइन के मुताबिक जिन स्कूलों में मिड डे मील का खाना बनाया जाता है, उन स्कूलों को ये खाना रसोई घर में ही बनाना होता है. कोई भी स्कूल किसी खुली जगह में और किसी भी स्थान पर इस खाने को नहीं बना सकता है.