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प्रवासियों की घर वापसी

Start Date: 13-05-2020
End Date: 12-06-2020

झारखण्ड राज्य का प्रवासी श्रमिक कंट्रोल रूम 27 मार्च 2020 से चालू है, ...

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झारखण्ड राज्य का प्रवासी श्रमिक कंट्रोल रूम 27 मार्च 2020 से चालू है, राज्य के फंसे प्रवासियों के मुद्दों पर मदद करने के लिए अब तक विभिन्न रूपों में लाखों लोगों को लाभान्वित किया गया है। प्रवासी श्रमिक कंट्रोल रूम- हेल्पलाइन में सीधे संपर्क करने हेतु 10 फोन नंबर (0651-2490037, 0651-2490055, 0651-2490083, 0651-2490104, 0651-2490127, 0651-2490052, 0651-2490058, 0651-2490092, 0651-2490125, 0651-2490128) एवं WhatsApp, Text Message हेतु 5 नंबर (9431336472, 9431336427, 9431336432, 9470132591, 9431336398 ) शामिल हैं जो राज्य के बाहर फंसे लोगों के कॉल को अटेंड करने के लिए चौबीसों घंटे चलते हैं। फंसे हुए लोगों में कर्मी, मौसमी प्रवासी, छात्र, पेशेवर, पर्यटक और मरीज शामिल हैं जो 25 मार्च 2020 से देश के विभिन्न स्थानों पर 21 दिन के लॉकडाउन की शुरुआत के साथ फंसे हुए हैं। बाद में लॉकडाउन को आगे बढ़ा दिया गया।
फंसे हुए लोग ज्यादातर मजदूर होते हैं जो नौकरी की तलाश में अपने गाँव से पलायन करते हैं और देश के विभिन्न क्षेत्रों में अवसरों को अर्जित करते हैं। उनकी स्थिति कमजोर हो गई क्योंकि उनकी कमाई का जरिया जैसे कारखाने, मिलें, गोदाम, कार्यालय इत्यादि बंद हो गए थे और उन लोगों के पास गुजारा करने के लिए कोई साधन नहीं था या लॉकडाउन के कारण अपने घर वापस भी नहीं आ सकते थे। फंसे हुए लोगों को भोजन, राशन का प्रबंध करने और अपनी किराया राशि का भुगतान करने में बहुत कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था, क्योंकि महीने के अंत से पहले अचानक बंद होने से उनके पैसे खत्म हो गए और बहुत से लोग दैनिक मजदूरी के आधार पर कमाते हैं।
बाहर फंसे हुए लोगों द्वारा मदद के लिए श्रम विभाग के टॉल फ्री नंबर 18003456526 पर किए गए कॉल का सम्पूर्ण विवरण, विभाग को विभिन्न सूत्रों द्वारा प्राप्त आंकड़ों को भी प्रवासी श्रमिक कंट्रोल रूम को प्रदान किया जाता है। इसके अलावा बाहर फंसे लोगों को प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष द्वारा झारखंड यात्रा पंजीकरण प्रपत्र (website: http://jharkhandpravasi.in) पर पंजीकरण करने हेतु सम्पूर्ण विवरण प्रदान किया जाता है।
फंसे हुए लोगों द्वारा प्रवासी कंट्रोल रूम में किये गये कॉल और उनका विवरण नोट कर डेटाबेस में प्रविष्ट किया जाता है। विवरण में प्रमुख व्यक्ति का नाम अर्थात कॉल करने वाले का नाम, फोन नंबर, राज्य / केन्द्र शासित प्रदेश और जिला का नाम जहां वे फंसे हुए हैं, प्रमुख व्यक्ति के साथ फंसे लोगों की संख्या, उनके स्रोत जिले और उनके द्वारा सामना किए जा रहे मुद्दे जैसे - भोजन की उपलब्धता, राशन अवधि, आवास की स्थिति, चिकित्सा मुद्दे और वित्तीय स्थिति। इनके अलावा यदि कॉल करने वाले अपने भुखमरी की शिकायत करते हैं तो कॉल को आपातकालीन मामलों के रूप में माना जाता है। टेली कॉलर्स उन कॉलर्स की काउंसलिंग भी करते हैं जो व्यथित स्थिति में होते हैं, जिनके पास भोजन लाने का कोई साधन नहीं होता है, लॉकडाउन के मुद्दे, पैसे की कमी, आदि। क्योंकि लॉकडाउन उनके लिए कई चुनौतियां लेकर आया है । सभी विवरण एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर में भरे जाते हैं और सीएमओ को हर फोन कॉल की राज्यवार जानकारी दी जाती है।
झारखण्ड सरकार के साथ साझा किए गए राज्यवार विवरण को राहत प्रदान करने के लिए संबंधित राज्य / केन्द्र शासित प्रदेश सरकार के साथ साझा किया गया है। बहुत से लोगों को अब तक भोजन, राशन, आश्रय और चिकित्सा सहायता जैसे नियमित लाभ मिल रहे हैं। ऐसे कुछ लोग जिन्हें कोई मदद नहीं मिली है या उन्हें अपर्याप्त मदद मिली है या उन्हें भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है या यदा-कदा समर्थन मिल रहा है वे हेल्पलाइन को पुनः डायल करें।
हाल ही में झारखण्ड सरकार ने “MukhyamantriVisheshSahaytaYojna- APP” नाम की DBT योजना शुरू की। यह योजना झारखण्ड के बाहर फंसे सभी लोगों के लिए है। पहले चरण में 2,75,000 से अधिक लोगों ने आवेदन किया और 2,00,000 से अधिक लोगों ने राज्य सरकार से उपचारात्मक मदद के रूप में INR 1,000 / - प्राप्त किया। श्रम कंट्रोल रूम ने कई कॉल करने वालों को नियमित मामलों के साथ-साथ डीबीटी आवेदन के ऑनलाइन जमा करने की सुविधा प्रदान की है।
प्रवासी श्रमिक कंट्रोल रूम ने राज्य सरकार को डेटाबेस बनाने, फंसे हुए लोगों की काउंसलिंग करने, सरकार द्वारा शुरू की गई सहायता संरचना का समन्वय करने, अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ समन्वय स्थापित करने, राज्य में फंसे लोगों की निकासी की योजना बनाने और डीबीटी प्रक्रिया शुरू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। Phia टीम द्वारा नेतृत्व और प्रबंधित प्रवासी श्रमिक कंट्रोल रूम, को अन्य सरकारी एजेंसियों और खण्डों जैसे कि वायरलेस पुलिस, JAP-IT, HSB, JSLPS, महिला पुलिस, आदि का समर्थन है, जो फोन कॉल अटेंड करते हैं और एप्लिकेशन सॉफ़्टवेयर में डेटा दर्ज करते हैं। इसी प्रकार, जिला स्तर पर स्थित जिला श्रम अधीक्षक कार्यालय भी फंसे हुए लोगों का विवरण दर्ज करते हैं। Phia टीम मामलों का प्रबंधन, पारी विनियमन, लॉजिस्टिक व्यवस्था और झारखण्ड सरकार को डेटा रिपोर्टिंग कर रही है।
राज्य सरकार द्वारा चलाये जा रहे इस अभियान के संबंध में नागरिकों का सुझाव Jharkhand MyGov पर आमंत्रित है।

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Ajay Kumar Banerjee 4 weeks 21 घंटे पहले

फंसे हुए लोग ज्यादातर मजदूर हैं जो नौकरी की तलाश में अपने गाँव से पलायन करते हैं।उनकी स्थिति कमजोर हो गई क्योंकि उनकी कमाई का जरिया जैसे कारखाने, मिलें, गोदाम, कार्यालय इत्यादि बंद हो गए थे और उन लोगों के पास गुजारा करने के लिए कोई साधन नहीं था लॉकडाउन के कारण अपने घर वापस भी नहीं आ सकते थे।फंसे हुए लोगों को भोजन,राशन का प्रबंध और अपनी किराया राशि का भुगतान करने में बहुत कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था राज्य शासन कॆ द्वारा किया जा रहा प्रयास बहुत अच्छा है उसॆ समुचित रुप सॆ लागु करनॆ कि जरुरत है

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Dheeraj Kumar 4 weeks 1 day पहले

हमारे देश की वर्तमान में सबसे बड़ी समस्या कोरोना वायरस है । इससे निजात पाना बहुत जरूरी हो गया है। इससे बचने के लिए पीडीएफ में कुछ तरीके बताए गए हैं इसे अवश्य पढ़ें ।
धन्यवाद

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Dheeraj Kumar 1 month 1 week पहले

The whole world has been engaged to stop this epidemic but no country has achieved complete success. Now it has become necessary to make people aware of how and how long to wash hands and what is social distancing. To be broadcast through various posters and street plays and toilets like hand wash basins should be constructed from every village to the city so that people can get used to hand wash and be safe from every disease.
Thank you

105530

Dheeraj Kumar 1 month 2 weeks पहले

It has become very important that the villages be saved from this epidemic. For this, it is necessary that every migrant laborer has a corona check and they should be kept in quarantine. The second thing is that the migrant laborers who are leaving on foot should be stopped there and arrangements should be made to eat and drink there. Or they should arrange vehicles and leave them at their home.

8530

Dhiraj Kumar 1 month 2 weeks पहले

#Covid19
#IndiaFightsCorona
आपसी दूरी हैं ज़रूरी तभी तो जीतेगा इंडिया हारेगा कोरोना।
आरोग्य सेतु एप्प इंस्टॉल करें, एक दूसरे से दूरी बनाये।
http://www.facebook.com/RCDP2014/

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Dheeraj Kumar 1 month 3 weeks पहले

यह बहुत जरूरी हो गया है कि इस महामारी से गावं को बचाया जाए। इसके लिए जरूरी है कि हर एक प्रवासी मजदूर का कोरोना जांच हो तथा उन्हें क्वारेंटाइम में रखा जाय। दूसरी बात यह है कि जो प्रवासी मजदूर पैदल प्रस्थान कर रहे हैं उन्हें वहीं रोका जाए तथा खाने पीने की व्यवस्था की जाए या फिर वाहनों की व्यवस्था की जाए जिससे कि उन्हें उनके घर तक छोड़ दिया जाए।

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RAMNIVASH KUMAR PANDEY 1 month 3 weeks पहले

महोदय,, As per centeral government guideline the treatment and test of corona also provided Free of cost under ayushman Bharat yojana..
टेस्टिंग किट कि डिमांड maximum numbers में दे।।और सारे हॉस्पिटल जो आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत रजिस्टर्ड हैं को जवाबदेही दें। और लोगो मे अवेरनेस बढ़ाए।।और स्टेट के सभी घरों तक और सभी लोगों की टेस्टिंग सुनिश्चित हो सके।।।।।।चूँकि WHO ने भी माना है कि कोरोना लंबे समय तक चलने वाली बीमारी है।।।

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Dheeraj Kumar 1 month 3 weeks पहले

हमारे देश की वर्तमान में सबसे बड़ी समस्या कोरोनावायरस है। इससे निजात पाना बहुत जरूरी हो गया है। कोरोएवायरस अभी गावों तक नहीं पहुंचा। यह बहुत जरूरी है कि यह गाव नहीं पहुंचने दिया जाए नहीं तो बहुत बड़ी समस्या उत्पन्न हो सकती है जो सरकार और स्वस्थ नियंत्रण से बाहर हो जाएगी और यह विकराल रूप धारण करते कर लेगा.जो लोग अन्य राज्यो से आ रहे हैं उन्हें गाव से दूर ही रखा गया है। उनके लिए गांव से बाहर ही क्वारेंटाइन किया गया और जो संभव हो वह आवश्यक सामग्री मुहैया कराई जाए।