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श्रमशक्ति अभियान

Start Date: 01-10-2019
End Date: 31-10-2019

झारखण्ड राज्य सहित पुरे देश में असंगठित कामगारों (निर्माण श्रमिक ...

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झारखण्ड राज्य सहित पुरे देश में असंगठित कामगारों (निर्माण श्रमिक सहित )लगभग 92 प्रतिशत होने के मद्देनज़र झारखण्ड सरकार के द्वारा श्रमिकों के सर्वांगीण विकास हेतु उनके लिए राज्यान्तर्गत क्रमशः असंगठित कर्मकारों के लिए 5 योजनाएं एवं निर्माण श्रमिकों के लिए 15 संचालित योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु असंगठित मजदूरों एवं निर्माण श्रमिकों के निबंधन हेतु पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितम्बर 2019 से लेकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर 2019 तक विशेष अभियान "श्रमशक्ति" चलाये जाने के माननिये मुख्यमंत्री झारखण्ड सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के उपरांत दिनांक 25-09-2019 को सरायकेला खरसावां जिले के गम्हरिया प्रखंड के आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के अंतर्गत इमली चौक अवस्थित फुटबॉल मैदान से इस अभियान की शुरुआत की गयी । उसी तिथि से पुरे राज्य के सभी प्रखंडों में एवं शहरी क्षेत्रों के श्रमिक जमावड़े वाले स्थानों पर कैम्प लगाकर श्रमिकों का निबंधन कराया जा रहा है।
श्रमशक्ति अभियान का संचालन श्रम,नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग झारखण्ड सरकार एवं अन्य विभाग द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से मुख्यमंत्री लघु कुटीर बोर्ड के जिला एवं प्रखंड समन्वयकों ,श्रम अधीक्षकों , श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों एवं श्रमिक मित्रों को सम्मिलित करते हुए संचालित किया जा रहा है । इसका अनुश्रवण श्रम विभाग के साथ -साथ जिला प्रशासन के द्वारा किया जा रहा है।
"श्रमशक्ति अभियान " का मुख्य उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा असंगठित श्रमिकों (निर्माण श्रमिक सहित) को निबंधन कराकर उनके लिए संचालित योजनाओं का लाभ दिलाना तथा उनके जीवन में खुशहाली लाना है।श्रमिकों का निबंधन कैम्प के माध्यम से कैम्पों में जहाँ ऑफ लाइन कराया जा रहा है । वही उनका निबंधन shramadhan.jharkhand.gov.in पर ऑनलाइन भी करने की व्यवस्था है।सभी शिविरों में निबंधन हेतु श्रमिकों से उनका आधार कार्ड ,बैंक खता, मोबाइल संख्या ,नामित का आधार कार्ड तथा निर्माण श्रमिकों के नियोजन के सम्बन्ध में स्व-घोषणापत्र साथ लाकर श्रमिकों का निबंधन कराया जा रहा है।
पूरे राज्य में श्रमशक्ति अभियान संचालित है ,जिसमे विभिन्न दृश्य एवं श्रव्य माध्यम से प्रचार प्रसार करते हुए सभी असंगठित श्रमिकों से शिविर में आकर निबंधन करने का अनुरोध किया जा रहा है।विभिन्न विभागों जिनसे असंगठित कर्मकार सम्बद्ध हों, नियोजकों एवं नियोजक संगठनों ,NGO ,श्रमिक संघ के प्रतिनिधि तथा आम नागरिकों से भी अनुरोध किया जा रहा है की वे ज्यादा से ज्यादा असंगठित कर्मकारों को शिविरों में ले जाकर निबंधन कराने हेतु उत्प्रेरित करें तथा राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ लेकर अपने एवं अपने बच्चों का भविष्य उज्जवल बनायें।
झारखण्ड सरकार द्वारा चलाये जा रहे इस अभियान हेतु नागरिकों का सुझाव Jharkhand.mygov.in पर आमंत्रित है।

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Bhawna 5 years 10 months पहले

रघुवर दास ने कहा कि सरकार सभी श्रमिकों का विकास चाहती है और इसके लिए जो भी जरूरी कदम होंगे, उठाए जाएंगे, क्योंकि इनका राज्य और देश के नव निर्माण में अहम योगदान है। उन्होंने कहा कि मैं भी टाटा स्टील में मजदूर था, लेकिन झारखंड की जनता ने विकास और खुशहाली के लिए पूरे राज्य का मजदूर बनाकर भेजा। ऐसे में समाज के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचना चाहिए। इसी ध्येय के साथ काम कर रहा हूं।

Bhawna 5 years 10 months पहले

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बुधवार को कहा कि दिवाली से पहले झारखंड भवन निर्माण बोर्ड से जुड़े पुरुष श्रमिकों को शर्ट-पैंट और महिलाओं को साड़ियां दी जाएंगी। मुख्यमंत्री दास ने बुधवार को यहां आयोजित कार्यक्रम में यह घोषणा की।

SHAMBHU SHANKAR BEHRA 5 years 10 months पहले

धन्यवाद् सर् श्रम् शक्ति अभियान् कॆ द्वारा काफि गरिब् लॊगॊ कॊ फायदा पहुन्च् रहा है विशॆस् अभियान् मॆ कइ लॊगॊ कॊ भारी मत्रा मॆ फायदा पहुन्चा,कइ गरिब् लॊग् लाभान्वित् हुऎ ,मै खुद् भी कइ लॊगॊ कॊ इस्की जान्कारी दि और् इस् अभियान् सॆ उन्कॊ निबन्धित् करनॆ का प्रयास् किया

V K TYAGI 5 years 11 months पहले

श्रम शक्ति अभियान में यह जरूरी है कि सभी श्रमिकों को एकत्रित किया जाए उनकी संगठित संगठन बनाया जाए जो उनके अधिकारों के लिए संघर्ष कर सकें एवं ऐसे श्रमिकों को जागरूक कर सके कि उनके अधिकार क्या हैं लोग उनका शोषण ना कर सकें उनको अपने श्रम का पूरा दाम में ले एवं उनका उत्पीड़न व शोषण ना हो इसके लिए आवश्यक है इस श्रम शक्ति अभियान पूरे देश में चलाया जाए जिसमें असंगठित कामगारों को इकट्ठा किया जाए उनकी आवाज को समाज में एवं सरकार के सामने रखा जाए उनके अधिकारों का संरक्षण किया जाए ताकि उनका शोषण रुक सके

V K TYAGI 5 years 11 months पहले

श्रमशक्ति अभियान के तहत पूरे देश में श्रमिकों को संगठित कर उन्हें एक करना है आज श्रमिक जो असंगठित छेत्रो से आते है उनका न तो कोई संगठन है और न ही कोई नेता .एं लोगो का सबसे ज्यादा उत्पीड़न होता है क्योंकि कोई भी उनकी सुनने वाला नहीं है वह सबसे ज्यादा प्रभावित है अत हमें श्रम शक्ति अभियान के तहत इन्हे संगठित करना है इन्हे अपने अधिकारों की जानकारी देनी है इन्हे आवाज देनी इनका उत्पीड़न रोकना है ताकि यह भी संगठित मजदूरों की तरह अपने अधिकार पा सके व अन्य suvidhay पा सके

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