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झारखंड में पोस्ट – मैट्रिक छात्रवृत्ति पर नागरिक सुझाव के लिए आमंत्रण

लक्षित समूहों के छात्रों को उच्च और तकनीकी शिक्षा का विकल्प चुनने के ...

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लक्षित समूहों के छात्रों को उच्च और तकनीकी शिक्षा का विकल्प चुनने के लिये प्रोत्साहन और अपने खर्चों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान किय गया है।
इस योजना में वर्ष 2016-17 में 202537 छात्र और वर्ष 2017-18 में 244551 छात्र शामिल हैं ।
कुल छात्रवृत्ति का वितरण आधार सक्षम प्रत्यक्ष लाभार्थी स्थानांतरण (DBT) के माध्यम से किया जाता है।

अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, झारखंड सरकार द्वारा संचालित इस योजना पर नागरिकों से सुझाव और इनपुट आमंत्रित किए जाते हैं।

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17 परिणाम मिला

BISWANATH PANDA 2 months 3 weeks पहले

Dear sir
Shiksha sharal, bruti saral.
Uttirn saral, harsha saral.
Sanman saral, ashish saral.
Bakya saral, srestha saral.
Shiksha saral, bruti saral.
Guru saral, sneha saral.
Bidyarthi saral, shiksha saral.
Uttirn saral, chayan sarl.
Bidyalay saral, briti sanman saral.
Shiksha saral, harsha saral.
Shiksha saral, briti saral.

Dhanyabad

BISWANATH PANDA

WIN
JATANI, KHORDA, ODISHA, INDIA-752050

Shiv Lal 2 months 3 weeks पहले

मैट्रिक के बाद दी जाने वाली छात्रवृति अच्छी योजना है लेकिन राज्य में अच्छे उच्च संस्थान विकसित किए जाने चाहिए ताकि राज्य के छात्र यहीं पर पढे और राज्य के विकास में अपना योगदान दे सकें

Bipin kimar 3 months 2 weeks पहले

सब से पहले मेरा नमस्कार सब को मैं अपनी सरकार से यही कहाँ चाहूँगा की पहके गाउन में जो स्कूल है उसे पहले मोडिफ़ाई कार्याए मतलब की अछे सेक सिटिंग का बेवस्था होनी चाहिए इट्सेटरा
उसके बाद आती ह बाद सिक्षा की तो स्कूल में रटी हुई ही हमेसा पढ़ाई जाती है
उसे कुछ एक्स्ट्रा पढ़ाई नी जाती ना कोई खेल खेलाया जाता ह जिस से की बचो को मन लगे स्कूल आने में

बहुत एसे स्कूल है जहाँ बचा जाने से डरता ह कारण यही ह

Suraj kumar verma 3 months 3 weeks पहले

सबसे पहले मैं ये कहना चाहुँगा की अगर पूरे भारत मे शिक्षा की तरीका को देखा जाए तो ये शिक्षा एक ऐसी शिक्षा बच्चो को दी जा रही है जिससे कुद्द extra सीरवा ही नही जा सकता,
जो एक बार जो चीज किताब मे द्दप गई वही पढ़ा जा २हा है ,सो मेरा ये सुझाव है कि सरेक वर्ष किताब के pattern को बदला जाए और कुछ नए दिशा बच्चो की दी जाए और हॉ बच्चो को practically पढ़ाई जानी चाहिए ........
पढ़े हम सब और अग्रसर रहे हम सब

सर छात्र - छात्राओ को दी जानी चाहिए चाहे वो छात्र या छात्रा निजी विधालय मे हो या सरकारी विधालय