You don't have javascript enabled. Please Enabled javascript for better performance.

पृथ्वी दिवस

Start Date: 05-12-2019
End Date: 05-03-2020

मानव जीवन और पर्यावरण को हमेशा से ही एक दुसरे का पूरक कहा जाता है। ...

विवरण देखें जानकारी छिपाएँ

मानव जीवन और पर्यावरण को हमेशा से ही एक दुसरे का पूरक कहा जाता है। बगैर पर्यावरण के बिना हम जीवन की कल्पना भी नही कर सकते हैं । आज दुनिया भर में ग्लोबल वार्मिंगएक प्रमुख पर्यावरणीय मुद्दा बनते जा रहा है। विश्व पृथ्वी दिवस भी पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करता है। विश्व पृथ्वी दिवस 2019 पूरे विश्व के लोगों द्वारा 22 अप्रैल, को मनाया जाता है। इस दिन पर्यावरण प्रेमी, पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करने के लिए समर्थन प्रदर्शित करते हैं।हम भी इसमें योगदान दे सकते हैं।

जी हां, पृथ्वी दिवस में एक आम नागरिक भी अपना एक छोटा किंतु महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। जिस तरह से आज हर तरह से प्रकृति का दोहन जारी है उससे वैश्विक स्तर पर हमारे भविष्य के लिए चिंता होना स्वभाविक है। जिस तरह से शहरीकरण बढ़ रहा है और पेड़ों का अंधाधुंध काटन जारी है उससे ग्लोबल वार्मिक आज एक वैश्विक संकट बनते जा रहा है। हम खुद के जरिए भी इसमें योगदान दे सकते हैं। जैसे-वृक्षारोपण कर, प्लास्टिक को नष्ट कर,ईधन से चलने वाले वाहनों का न्यूनतम प्रयोग कर आदि। प्राकृतिक संसाधनों का जिस तरह से दोहन हो रहा है वो खुद हमारे ही भविष्य पर संकट खडे़ कर रहा है। इसलिए पृथ्वी दिवस को एक ही दिन नही बल्कि हर रोज मनाने की जरूरत है।

राज्य के नगर निकायों में अर्थ दिवस मनाया गया। पौधारोपण किया गया एवं स्कूल के बच्चों द्वारा कचडे एवं बेकाम की चीजों से सुन्दर सजावटी चीजें बनाई गयी। बच्चों द्वारा तैयार की गयी चीजों प्रदर्शनी भी लगाई गई। स्कूली बच्चों ने बहुत उत्साह से भाग लिया। उनको बेकार पड़ी चीजों का दुबारा प्रयोग के साथ साथ कई अन्य महत्वपूर्ण एवं ज्ञानवर्धक जानकारी भी दी गयी। कुछ स्लोगन जो नगर निकायों द्वारा दीवाल लेखन हेतु इस्तेमाल किया जा सकता है:-

• प्रकृति को न करे हरण , आओ बचाएं पर्यावरण ।
• Recycle for lifecycle
• प्रकृति का पोषण करे हम , धरती को हरा भरा रखे हम ।
• Wet waste into the bin which is green another step to make your country clean.
• हरे और नीले डस्टबिन का सही प्रयोग ले, जायेगा हम सबको एक स्वच्छ भारत की ओर ।
• Blue bin is meant for dry waste such as plastic, paper, metal, etc –Choose your colour wisely.
• ना करे प्लास्टिक से प्रदूषण , प्रकृति और मिट्टी को रखे रोशन ।
• Cleanliness is the way to good health and happiness. Let it be a habit.
• हम सबने यह ठाना है, भारत स्वच्छ बनाना है ।
• Together we can, together we will
• मेरा शहर साफ़ हो इसमे हम सब साथ हो ।

उपरोक्त कार्य को सफल बनाने के लिए Jharkhand.mygov.in पर नागरिकों का सुझाव आमंत्रित है।

सभी टिप्पणियां देखें
हटाएं
45 परिणाम मिला
30080

Gagan kaur 1 month 2 weeks पहले

पृथवी दिवस यह सम्मान होगा उस ग्रह का जिस के हम वासी है हमारे अनमोल खजाने जैसे नादिया जंगल पहाड़ हमारे आधार है जो हमारे भूगोलीय सामाजिक संरक्षण देते है आज 8 सब को मुलभुत इस्थिति मे लाना मानव जाति की ज्जिमेदारी है प्रत्येक सामाजिक मानव को संकल्प लेना होगा इस पृथ्वी लोक को बचाने का जीवन का बाह्मूल्य समय निकल कर

22370

Vikash kumar pandey 2 months 4 दिन पहले

Human life and environment have always been called complementary to each other. Without environment, we cannot even . The state government is committed to provide basic amenities to the citizens of all the civic bodies of the stateRecent research has found that nature exposure (and feeling connected to nature at a trait level) provides many benefits to humans such as well-being. ... Nature connectedness (as a construct) is also known as nature relatedness, connectivity with nature, emotional

29520

Nasim Kutchi 3 months 2 weeks पहले

Human life and environment has a great relation between both of them.THIS IS TRUE and perfect to all extend Do not destroy nature, let us save the environment.
• Recycle for lifecycle
• May we nourish nature, keep the earth green.
• Wet waste into the bin which is green another step to make your country clean.
• The right use of green and blue dustbin will lead us all towards a clean India.
• Blue bin is meant for dry waste such as plastic, paper, metal, etc. - Choose your color wisely.

118860

V K TYAGI 3 months 2 weeks पहले

पृथ्वी दिवस के अवसर हमें पर्यावरण को बचाने की शपथ लेनी चाहिए हमें पृथ्वी पर जीवन बचाने के पर्यावरण को बचाना होगा तभी प्रथ्वी दिवस को मनाने का ओचित्य होगा